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Monday, 13 April 2026

Std 9 Hindi Ch.6 Meri Bimari Shyama Ne Lii Svadhyay Solution || मेरी बीमारी श्यामा ने ली ||

 


Q-1. निम्न प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए:


1. सामान्यत: लेखक को कौन-कौन सी बिमारिया रहती थी?

=> सामान्यत: लेखक को जुकाम,बुखार, खाँसी, सिरदर्द आदि बीमारियाँ रहती थीं|


2. लेखक एलोपैथी का उपचार नहीं करते थे?

=> लेखक एलोपैथी का उपचार नहीं करते थे, क्योकि वह महँगा होने के कारण उनकी शक्ति से बाहर था|


3. बच्चनजीको मुक्ता प्रसादजी ने कौन-सा उपचार बताया था?

=> मुक्ता प्रसादजी ने बच्चनजीको लुई कोने के पानी के प्रयोग से रोग दूर करने का उपचार बताया|


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Q-2. निम्न प्रश्नों के उत्तर पांच-छ वाक्य में लिखिए:


1. लेखक बीमारी में भी क्यों काम करते थे?

=> लेखक की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी| घर का खर्च निकालने के लिए स्कूल में पढ़ाते थे और ट्यूशन करते थे| आराम करने से वे यह दोनों काम नहीं कर सकते थे| बिना आमदनी के घर कैसे चलता? छोटे भाई का शालिग्राम की आमदनी भी अधिक नहीं थी| महंगी दवाएं भी उनके लिए सिरदर्द थी| इसलिए मजबूरी में बच्चनजी बीमारी में भी काम करते थे|


2. लेखक की बीमारी सुनकर श्यामा काँपकर तुरंत क्यों संभल गए?

=> डॉ. मुखरर्जी ने बच्चनजी को क्षय की बीमारी बताई थी| पत्नी श्यामा ने सुना तो वे कांप उठीं| उन्होंने पल भर में अनुभव कर लिया कि उनका काँपना बच्चनजी सहन नहीं कर पाएंगे| पति की संवेदनशीलता से भलीभांति परिचित थी| वे उन्हें अपनी चिंता से अवगत नहीं करना चाहती थी| इसलिए वे तुरंत संभल गई|


3. लेखक को एसा क्यों लगा की उन्हे श्यामा के लिए जीने का संगर्ष करना चाहिए?

=> बीमारी में लेखक को कर्ज चुकाने की चिंता खाए जा रही थी | उन्होंने अपने आप को मरने के लिए छोड़ दिया था| लेकिन तभी श्यामा का खयाल आया| उन्होंने सोचा कि उन्होंने श्यामा के लिए तो कुछ किया ही नहीं| अब यदि अपने कर्ज का भार भी उस पर छोड़ जाए तो उनके जैसा जघन्य अपराधी कौन होगा यह सोच कर उन्हें लगा कि उन्हें श्यामा के लिए जीने का संघर्ष करना चाहिए |


4. बच्चनजी की पारिवारिक आर्थिक विपन्नता के बारे में अपने विचार प्रकट कीजिए|

=> पत्नी श्यामा के साथ बच्चनजी का जीवन संघर्षमय रहा| वह स्कूल में पढ़ाते थे, ट्यूशन करते थे| अपनी किताबों से भी कुछ पैसे मिल जाते थे| फिर भी खर्च पूरा नहीं हो पाता था| छोटे भाई शालिग्राम का वेतन बहुत कम था| बच्चनजी की बीमारी के बाद तो स्थिति और भी चिंताजनक हो गई| दवाई खरीदना मुश्किल हो गया| पिता ने घर बेचकर पुत्र का इलाज कराने की बात की| सही समय इलाज ना मिलने से श्यामा की मृत्यु हुई| इस प्रकार बच्चनजी की पारिवारिक आर्थिक विपन्नता का दारूण रूप इस संस्मरण में व्यक्त हुआ है|


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Q-3. निचे दिये गये वाक्यों का भावार्थ सम्जाइए:


1. ‘बीमारी अमीरों की हरमजदगी है, गरीबों को उसे अपने पीछे न लगाना चाहिए|’

=> बीमारी अमीरों का हरामीपन है | वे बीमारी में काम न करने का बहाना बना लेते है| पैसा होने के कारण उनकी यह कामचोरी चली जाती है | गरीबो को तो रोज महेनत करके रोजी कमानी पड़ती है | वे बीमारी के नाम पर काम नहीं करेंगे तो उनका गुजारा कैसे होगा | इसलिए गरीबो को बीमार होने से बचना चाहिए |


2. “काम के पीछे बुखार भागे|”

=> काम ना करने वालों को मामूली बुखार भी बहुत तेज लगता है| वह उसे दूर करने के लिए दवा लेता है| लेकिन दृढ़ मनोबल वाले व्यक्ति साधारण बुखार को कुछ नहीं गिनते| बुखार में अपने काम में लगे रहते हैं| उनका बुखार अपने आप ठीक हो जाता है|


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Q-4. शब्दसमूह के लिए एक-एक शब्द दीजिए:


1. जहाँ शरण लिया जा सके

=> शरणस्थल


2. सौ बरस जीने का आशीर्वाद

=> शतायु


3. शुभ-मार्ग पर चलने का आशीर्वाद

=> स्वस्तिपंथा


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Q-5. विरुध्धार्थी शब्द बताइए:


1. चिकना

=> खुरदश


2. मधु

=> कटु


3. कलश

=> शांति


4. विमुक्त

=> बध्द


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