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Monday, 13 April 2026

Std 9 Hindi Ch.5 Svarajy Ki Niv Svadhyay Solution || स्वराज्य की नींव ||

 


Q-1. एक-दो वाक्यों में उत्तर दीजिए:


1. रानी लक्ष्मीबाई की चिंता का क्या कारण था?

=> रानी लक्ष्मीबाई की चिंता का यह कारण था की बहुत प्रयत्न करने के बाद भी स्वराज्य उनके हाथ में नहीं आ रहा था |


2. बाबा गंगादासने रानी लक्ष्मीबाई से क्या कहा था?

=> बाबा गंगादासने रानी लक्ष्मीबाई से कहा था की समाज में छुआछुत, ऊँच-नीच और विकास प्रियता के होते हुए हमें स्वराज्य नहीं मिल सकता| स्वराज्य केवल सेवा, तपस्या और बलिदान से ही मिल सकता है|


3. रानी लक्ष्मीबाई ने क्या प्रतिज्ञा की थी?

=> रानी लक्ष्मीबाई ने झाँसी को फिर से जित लेने की प्रतिज्ञा की थी|


4. जूही सेनापति तात्या का पक्ष क्यों लेती है?

=> जूही सेनापति तात्या का पक्ष लेती है, क्योंकि वह उससे प्रेम कराती है|


5. तात्या रानी लक्ष्मीबाई के सामने लज्जित क्यों हो उठे?

=> रानी लक्ष्मीबाई ने तात्या को ‘सरदार’ कहकर संबोधित किया| रानी के मुँह से अपने लिए यह संबोधन सुनकर तात्या लज्जित हो उठे|


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Q-2. निम्न प्रश्नों के उत्तर पांच-छ वाक्यों में लिखिए:


1. मार्ग में हिमालय अडने , डरावनी लहरों के थपेड़े मारने, नाविकों के सो जाने से क्या अभिप्राय है|

=> रानी लक्ष्मीबाई को अपने प्यारी झांसी शत्रुओं के साथ में चले जाने का दु:ख है| स्वराज्य थी मंजिल हर बार पास आकर दूर चली जाती है| रानी को हिमालय जैसी बाधाएं आती हैं| जब भी बाधाएं पार करना चाहती है तो देखती है कि नाविक सो रहे हैं| यह नाविक है विलास में डूबे हुए उनके साथी सेनापति तात्या, राव साहब, बांदा के नवाब आदि|


2. रानी लक्ष्मीबाई देशभक्ति की एक अद्भुत मिसाल थी| समझाइए|

=> रानी लक्ष्मीबाई हमारे इतिहास का एक अत्यंत तेजस्वी चरित्र है| स्वराज्य ही उनका अंतिम लक्ष्य है| इसके लिए वह बड़े से बड़ा बलिदान दे सकती है| स्वराज की नींव बनने में ही वे जीवन की सार्थकता मानती है| उन्हें राग-रंग से सख्त नफरत है| उन्हें यही चिंता है कि स्वराज के लिए लड़ रहे उनके सैनिकों की वीरता कलंकित न होने पाए| सचमुच रानी लक्ष्मीबाई देशभक्ति की एक अद्भुत मिसाल थी|


3. ‘स्वराज्य की नींव’ शीर्षक कहाँ तक सार्थक है? प्रस्तुत एकांकी के लिए कोई अन्य शीर्षक दीजिए|

=> सन 1857 का विद्रोह भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम माना जाता है| उसमें झांसी की रानी लक्ष्मीबाई जुंही, मुंदर, तात्या टोपे, रामचंद्र तथा रघुनाथराव आदि ने देशभक्ति का परिचय दिया था| ये सब बलिदान स्वराज की नींव के पत्थर बन गए| बाद में आजादी की इमारत खड़ी हुई| इसलिए इस एकाकी का शीर्षक ‘स्वराज्य की नींव’ बिल्कुल सार्थक है| इसके अन्य शीर्षक हो सकते हैं ‘स्वराज्य की आधारशिला’ और ‘आजादी के वे परवाने’|


4. प्रस्तुत एकाकी में से उन कथनों को छांटीए जिससे पता चलता है कि युद्ध की छाया में भी राव साहब वैभव-विलास में डूबे हुए थे?

=> जुंही - जानती हूं महारानी! हम विलासिता में डूब गए है|

मुंदर - विलासिता में डूबे हुए हैं राव साहब, बांदा के नवाब, सेनापति तात्या|

लक्ष्मी बाई - तुम ने रोका है मुंदर| में जानती हूँ| जब राव साहब के लिए बुलाने इसे आए थे| तो इस ने उनको बुरी तरह दुत्कार दिया था|


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Q-3. आशय स्पष्ट कीजिए:


1. “स्वराज्य प्राप्ति से बढ़कर है स्वराज की स्थापना के लिए भूमि तैयार करना, स्वराज की नीव का पत्थर बनना|”

=> इमारत बनाने के पहले उसके लिए उचित भूमिका चयन किया जाता है| फिर मजबूत नींव रखी जाती है| जितनी नींव मजबूत होगी उतनी ही इमारत मजबूत होगी| इसलिए वातावरण तैयार करना जरूरी है| यह वातावरण जनमानस को जगाकर ही किया जा सकता है| शहीदों के बलिदान जनमानस को आंदोलित करते हैं और लोगों में स्वराज्य पाने की भावना तीव्र बनती है|


2. “शंकाए अविश्वास पैदा करेगी और अविश्वास से उत्पन्न निराशा को दूर करने के लिए पायल की झंकार और भी झनक उठेगी|”

=> राव साहब, बांदा के नवाब आदि रानी के सहयोगी संकुचित द्रष्टि के व्यक्ति थे| वे अपने स्वार्थ के लिए रानी लक्ष्मीबाई से जुड़े थे| उनमें न देशप्रेम था नाही विश्वास था| एक दुसरे को शंका की द्रष्टीसे देखते थे| एसे में स्वराज-स्थापना की बात उनमे परस्पर अविश्वास बढा सकती थी| अविश्वास उनमें निराशा पैदा करता और फिर उससे उत्पन्न दू:ख दूर करने के लिए वे राग-रंग में डूब जाते|


3. “दोस्त की ठोकर अविश्वास की खाई को और चौड़ा कर देती है|”

=> दोस्ती में एक दूसरे पर विश्वास होता है| ऐसे में कोई धोखा दे तो दिल को गहरी चोट लगती है| गहरा विश्वास गहरे और अविश्वास में बदल जाता है और फिर पहले जैसी दोस्ती नहीं रह सकती|


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Q-4. सही शब्द चुनकर वाक्य पूर्ण कीजिए:


1. स्वराज्य मिल सकता है, केवल सेवा, तपस्या और _________ से| (बलिदान / युद्ध)

=> बलिदान


2. महासागर की डरावनी _______ थपेड़े मारने लगती है| (लहरें / हवाएं)

=> लहरें


3. कौन कहता है कि हम ___________ में डूब गए हैं| (विलासिता / तपस्या)

=> विलासिता


4. मैं _____________ के लिए नाच सकती हूं| (विजय / स्वराज्य)

=> स्वराज्य


5. हमारी ___________ कलंकित न होने पाए| (श्रेष्ठता / वीरता)

=> वीरता


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Q-5. शब्दसमूहों के लिए एक शब्द बताईए:


1. धरती और आकाश के मिलने का स्थान

=> क्षितिज


2. निराशा या क्रोध में मुंह से निकलनेवाली श्वास

=> निश्वास


3. दही से बनने वाला एक व्यंजन

=> श्रीखंड


4. ब्राह्मणों को खिलाया जाने वाला भोज

=> ब्रह्मभोज


5. स्वामी के प्रति श्रद्धा रखने वाला

=> स्वामीभक्त


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Q-6. उदाहरण के अनुसार शब्द बनाइए:


1. देश

=> स्व+देश = स्वदेश


2. भाव

=> स्व+भाव = स्वभाव


3. तंत्र

=> स्व+तंत्र = स्वतंत्र


4. जन

=> स्व+जन = स्वजन


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Q-7. उदाहरण के अनुसार शब्द बनाइए:


1. शुर

=> शूरता-शोर्य


2. धीर

=> धीरता-धैर्व


3. उदार

=> उदारता-औदार्य


4. स्थिर

स्थिरता-स्थैर्य


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