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Friday, 10 April 2026

Std 9 Hindi Ch.2 Nyaymantri Svadhyay Solution

 


Q-1. निम्नलखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उतर लिखिए :


1. शिशुपालने अपने घर का दरवाजा क्यों खोल दिया ?

=> शिशुपालने अपने घर शाम को अतिथि आश्रय के लिए आया देखकर घर का दरवाजा खोल दिया |


2. शिशुपाल किस अवसर की तलाश में था ?

=> शिशुपाल सच्चा न्याय कैसे दिया जाता है यह दिखाने के अवसर की तलाश में था |


3. न्याय के विषय में शिशुपाल के क्या विचार थे ?

=> न्याय के विषय में शिशुपाल मानता था की न्याय ऐसा हो कि कोई अपराध करने का साहस न कर सके |


4. परदेशी कौन था ? उसने दुसरे दिन क्या किया ?

=> परदेशी सम्राट अशोक था | उसने दुसरे दिन सुबह-उठकर शिशुपाल को धन्यवाद देकर उससे विदा ली |



5. सम्राट अशोक ने शिशुपाल को राजमुद्रा क्यों दी ?

=> सम्राट अशोक ने शिशुपाल को न्यायमंत्री पद पर रखते हुए राजमुद्रा दी |


6. राज्य में न्याय के विषय में परिस्थितियों कैसे बदल गई ?

=> शिशुपाल की नियुक्ति होते ही राज्य में शांति रहने लगी l किसी को कोई भय न रहा ऐसी परिस्थितियों बदल गई |


7. पहरेदार की हत्या होने पर शिशुपाल की स्थिति कैसी हो गई ?

=> पहरेदार की हत्या होने पर शिशुपाल की नींद उड़ गई और अपराधी का पता लगाने के लिए दिन-रात एक कर दिए |


8. अपराधी का पता चलने पर शिशुपाल ने क्या किया ?

=> अपराधी का पता चलने पर शिशुपाल ने सम्राट अशोक को गिरफ्तार करने का आदेश दिया |


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Q-2. निम्नलिखित प्रश्नों के विस्तारपूर्वक उतर लिखिए :


1. सम्राट अशोक ने न्यायमंत्री की खोज कैसे की ?

=> राज्य को अपराधमुक्त करने के लिए अच्छे न्यायमंत्री की जरुरत थी | तो सम्राट अशोक ने परदेशी का वेशधारण किया अचानक शिशुपाल के घर पहुँचे जो न्यायप्रेमी था | शिशुपाल को न्याय दिखाने का अवसर नहीं मिला था | सम्राट अशोक ने उसे अवसर दिया | उन्होंने हत्या के आरोपी सम्राट अशोक को मृत्युदंड देने की घोषणा की | उसके साहस और निष्पक्ष व्यवहार से सम्राट खुश हुए | इस तरह सम्राट अशोक ने सही न्यायमंत्री की खोज की |


2. सम्राट अशोक ने न्यायमंत्री का पद देते हुए शिशुपाल को क्या दिया ?

=> सम्राट अशोक ने शिशुपाल को अपने दरबार में बुलाया | उन्होंने शिशुपाल से कहा की में आपको न्याय करने का अवसर देना चाहता हूँ l शिशुपाल भी इस अवसर के नी तैयार था | यह जानकर सम्राट ने उन्हें न्यायमंत्री बनाया और पहचानने के लिए उसे राजमुद्रा दी l


3. सम्राट अशोक क्यों गदगद हो गए ?

=> सम्राट अशोक ने देखा की न्याय की कसोटी पर खरा उतरा था शिशुपाल l खुद सम्राट अशोक को अपराधी जानकर मृत्युदंड देने की घोषणा की l दंड देते समय जरा भी हिचकियाट नहीं दिखाई l अपने अदम्य साहस व्यवहार से सम्राट का दिल जित लिया l इस तरह न्यायमंत्री शिशुपाल को सफल होते देखकर सम्राट अशोक गदगद हो गए l


4. न्यायमंत्री ने अपराधी सम्राट के जीवन की रक्षा किस प्रकार की ?

=> सम्राट अशोक ने राजकर्मचारी की हत्या की थी l जिससे शिशुपालने उन्हें मृत्युदंड देने की घोषणा की l शास्त्रों में राजा को इश्वर माना गया है l इसलिए उसे केवल ईश्वर ही दंड दे सकता है l न्यायमंत्री ने सम्राट की जगह सोने की मूर्ति को फांसी पर लटकवा दिया l इस तरह न्यायमंत्री ने अपराधी सम्राट के जीवन की रक्षा की l


5. न्यायमंत्री निरुतर क्यों हो गए ?

=> शिशुपाल न्याय के पद पर खरे उतरे थे l सम्राट ऐसे व्यकित को पाकर गदगद हो गए l लोगो ने भी जयकार की l परंतु शिशुपाल को लगा की अब यह जिम्मेदारी उनसे नहीं संभाली जाएगी l उन्होंने राजमुद्रा सम्राट को वापस की l परंतु अशोक ने कहा की न्यायपूर्ण व्यवहार से मेरी आँखे खोल दी है l यह जिम्मेदारी उनके सिवा कोई और नहीं संभाल सकता l सम्राट की यह बाते सुनकर न्यायमंत्री निरुत्तर हो गए l


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Q-3. निम्नलिखित विधान कौन कहता है ? क्यों ?


1. “यह मेरा सौभाग्य है l”

=> यह विधान शिशुपाल परदेशी युवक से कहता है , क्योंकि शिशुपाल अतिथि का सत्कार करना अपना कर्तव्य समझता था l


2. “दोष निकालना तो सुगम है, परंतु कुछ कर दिखाना कठिन है l”

=>यह विधान परदेशी युवक शिशुपाल से कहता है l क्योंकि शिशुपाल उससे सम्राट अशोक के राज्य में हो रहे अन्याय की शिकायत करता है l


3. “बाह्मण के लिए कुछ भी कठिन नहीं है l में न्याय का डंका बजाकर दिखा दूँगा l”

=> यह विधान शिशुपाल परदेशी युवक से कहता है क्योंकि परदेशी युवक उससे राज्य की अपराधमुक्त करने का वचन लेना चाहता है l


4. “तो तुम अपराध स्वीकार करते हो l”

=> शिशुपाल सम्राट अशोक से कहता है क्योंकि उसने पहरेदार की हत्या की थी l


5. ‘महाराज यह राजमुद्रा वापस ले ले, मुझसे यह बोझ नहीं उठाया जाएगा l”

=> यह विधान शिशुपाल सम्राट अशोक से कहता है क्योंकि उसे लगता है की वह न्यायमंत्री की जिम्मेदारी नहीं संभाल पाएगा l


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Q-4. विरोधी शब्द दीजिए :


1. परदेशी

=> स्वदेशी


2. आदर

=>अनादर


3. अपराधी

=> निरपराधी


4. सुप्रबंध

=> कृप्रबंध


5. गिरफ्तार

=> मुक्ति


6. स्वीकार

=> अस्वीकार


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Q-5. समानार्थी शब्द दीजिए :


1. अतिथि

=> मेहमान


2. सुगम

=> सरल


3. कठिन

=> मुश्किल


4. हैरान

=> चकित


5. नि:स्तब्धता

=> शांति


6. निरुतर

=> खामोश


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Q-6. सोचकर बताईए :


1. आप न्यायमंत्री होते क्या करते ?

=> मै न्यायमंत्री होता तो शिशुपाल जैसा करता l


2. सम्राट अशोक की आँखे किस कारण खुल गई ?

=> क्योंकि शिशुपालने उसे दिखा दिया की सच्चा न्याय किसे कहते है l


3. शिशुपाल के साहस की सम्राट अशोक ने क्यों प्रशंसा की ?

=> क्योंकि खुद सम्राट को मृत्युदंड की सजा सुनायी उसकी इस निष्पक्षता और साहस की सम्राट अशोक ने प्रशंसा की l


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Q-7. न्यायमंत्री के रूप में शिशुपाल को धोषित करते हुए सम्राट अशोक ने उसे राजमुद्रा दी l इसका अर्थ है ....


1. न्यायमंत्री के रूप में शिशुपाल को धोषित करते हुए सम्राट अशोक ने उसे राजमुद्रा दी l इसका अर्थ है ....

=> यह तुम्हारे न्यायमंत्री होने की पहचान है


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