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Thursday, 9 April 2026

Std 9 Hindi Ch.1 Aaradhana Svadhyay Solution

 


Q-1. निम्नलखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उतर लिखिए :


1. कवि नित्य कैसी आराधना चाहते है ?

=> कवि नित्य सत्य सुंदर और मांगल्य की भावना की आराधना चाहते है |


2. कवि कैसी मनोकामना चाहते है ?

=> कवि दुखी लोग दुखो से मुक्त हो ऐसी मनोकामना चाहते है |


3. कवि दुर्बलो के रक्षणार्थ किसकी साधना चाहते है ?

=> कवि दुर्बलो के रक्षणार्थ शक्ति की साधना चाहते है |


4. कवि किसकी अभ्यर्थना करते है ?

=> कवि सबके जीवन में नया प्रकाश आने की अभ्यर्थना करते है |


5. कवि कैसी बंधुता की कामना करते है ?

=> कवि ऐसी बंधुता की कामना करते है जिसमे सब स्वतंत्र होकर भी भाईचारे की भावना से जुड़े हो |


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Q-2. निम्नलिखित प्रश्नों के उतर लिखिए :


1. कवि कैसे ‘मांगल्य’ की आराधना करते है ?

कवि चाहते है की सब लोग सत्य के मार्ग पर चले सबके मनमे सुंदर विचार और सब एक-दुसरे के कल्याण की बाते सोचे | इस तरह कवि सबके कल्याण की कामना करते हुए मांगल्य की आराधना करते है |


2. कवि के अनुसार किसके दुःख दुर होने चाहिए ?

=> कवि के अनुसार लोगो के दुःखो का छुटकारा पाने का उन्हें कोई मार्ग नहीं सुझाता | उन्हें दूसरो की सहानुभूति नहीं मिलती | वे स्वंय अपने दुःखो से मुक्त नहीं हो सकते | इसे उपेक्षित और असहाय लोगो के दुःख दुर होने चाहिए |


3. कवि की क्या अभ्यर्थना है ?

=> कवि की अभ्यर्थना है की मनुष्य के जीवन में नया प्रकाश आए | नई चेतना का अनुभव करे | उसके ह्दय में सुंदर विचार हो | उसकी सभी आशाएं पूरी हो | वह मनुष्यता की पूजा करे | सब लोग वीर बने |


4. कवि भेदों को नाश करने की बात क्यों करते है ?

=> संसार में ऊँच-नीच जाती-पांति , अमीर-गरीब आदि कई भेद है | इन भेदभावो के कारण मानव समाज में इर्ष्या-द्रेष और संधर्ष है | इनके कारण मानव-एकता में बाधाएं आती है और हमारा विश्वबंधुत्व का सपना पुरा नहीं होता | इसलिए कवि इन भेदों को नाश करने की बात करते है |


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Q-3. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए :


1. देह्मंदिर, चितमंदिर एक ही है प्रार्थना |
 सत्य-सुंदर, मांगल्य की नित्य हो आराधना ||

=> कवि वसंत बापट उदाराह्द्य और ऊँची दृष्टी के कवि है | उनके चित और देह की एक ही प्रार्थना है की लोग अच्छा काम करे और सत्य के मार्ग पर चले l उनके ह्दय में सुंदर विचार हो | जो स्वार्थ त्यागकर सबके हित की बात सोचे |


2. भेद सभी अस्त होवें , बैर और वासना | 
मानवों की एकता ही पूर्ण हो कल्पना ||
 मुक्त हम चाहे एक ही बंधुता की कल्पना ||

=> आज दुनिया में जातिभेद वर्णभेद, रंग-भेद आदि कई भेद बने हुए है | इर्ष्या से ऊँच-नीच का अंतर बना है | इसलिए मानवजाति में एकता नहीं है | संसार में अशांति और संधर्ष का कारण भेद ही है | जब तक इन भेदों का नाश नहीं होगा, तब तक मनुष्यजाति एक नहीं होगी |


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Q-4. काव्य- पंक्तियों को पूर्ण कीजिए :


1. देह्मंदिर चितमंदिर एक ही ............ ..................... पौरुष की साधना ||

देह्मंदिर, चितमंदिर एक ही है प्रार्थना |

सत्य-सुंदर मांगल्य की नित्य हो आराधना ||

दुखियारो का दुःख जाए है यही मनकामना |

वेदना को परख पाने जगाई संवेदना ||

दुर्बलो के रक्षणार्थं पौरुष की साधना ||


2. जीवन में नवतेज हो .......... ........................................ बंधुता की कामना ||

जीवन में नवतेज हो अतरंग में भावना |

सुंदरता की आस हो मानवता की हो उपासना ||

शौर्य पावें, धैर्य पावें , यही है अभ्यर्थना ||

भेद सभी अस्त होवे,वैर और वासना ||

मानवों की एकता की पूर्ण हो कल्पना |

मुक्त हम, चाहे एक ही बंधुता की कामना ||


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Q-5. विरुद्धार्थी शब्द लिखिए |


1. दुःख   X   सुख


2. जीवन   X   मरण


3. सत्य   X   असत्य


4. सुंदर  X  कुरूप


5. अस्त  X  उदय


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