Q-1. एक-एक वाक्य में उतर लिखिए :
1. प्राचीन काल में भारतीय शिक्षा केन्द्र कैसे थे ?
=> प्राचीन काल में भारतीय शिक्षा केन्द्र एक प्रकार के आश्रम अथवा मंदिर जैसे थे l
2. जब रवीन्द्रनाथ टेगोर को नोबल पुरस्कार मिला तब बंगाली लोग कौन-सा राग आलापने लगे ?
=> जब रवीन्द्रनाथ टेगोर को नोबल पुस्स्कार मिला तब बंगाली लोग अमादेर ठाकुर सपूत राग आलापने लगे l
3. भगवान् रामकृष्ण परमहंस बरसो तक योग्य शिष्य पाने के लिए क्या करते थे ?
=> भगवान् रामकृष्ण परमहंस बरसो तक योग्य शिष्य पाने के लिए रो-रोकर भगवान् से प्रार्थना करते थे l
4. भगवान् ईसा का कौन-सा कथन सदा स्मरणीय है ?
=> भगवान् ईसा का यह कथन सदा स्मरणीय है – मेरे अनुयायी मुझसे कही अधिक महान है और उनकी जूतियो धोने लायक योग्यता भी मुझमे नहीं है l
5. गांधीजी किन्हें अच्छे लगते है ?
=> गांधीजी उन्हें अच्छे लगते है,जिनमे गांधीजी बनने की क्षमता है और जो उनका अनुसरण करना चाहते है l
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Q-2. विस्तार से उतर लिखिए :
1. यूरोप के प्रभाव के कारण आज गुरु शिष्य सबंधो में क्या अंतर आया है ?
=> प्राचीन भारत में विधालय मंदिर के समान थे l शिक्षा देना आध्यास्मिक कार्य था l शिक्षा खरीदी नहीं जाती थी l शिष्य पुत्र से अधिक प्रिय होते थे l भारत में शिक्षा व्यावसायिक हो गई है l गुरु वेतनभोगी हो गए है l विधार्थी पैसे से शिक्षा प्राप्त करते है l शिष्य गुरु में परमेश्वर देखता था l इस प्रकार यूरोप के प्रभाव के कारण आज गुरु शिष्य सबंधो में जमीन आसमान का अंतर है l
2. पुजारी की शक्ति मूर्ति में कैसे विकसित होने लगी ?
=> पत्थर की मूर्ति तो जड़ होती है l उसमे चेतना डालने का काम पुजारी करता है l मूर्ति की पूजा करने का अर्थ ही उसे चेतनवंत बनाना है l पूजा करते समय पुजारी की भावना में जीतनी उत्कटता होगी मूर्ति उतनी ही प्रभावशाली होगी पुजारी की भावपुजा की शक्ति से ही धीरे धीरे मूर्ति में शक्ति विकसित होने लगती है l
3. विवेकानंद और रवीन्द्रनाथ ठाकुर को इस संदेश में अधिक महत्व कब मिला ?
=> विवेकानंद रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे l शुरू में महत्वपूर्ण स्थान नहीं मिला पर जब अमरिका गए तो उनका नाम हुआ तब भारतवासियों ने उन्हें सम्मान देना शुरू किया इस प्रकार रवीन्द्रनाथ ठाकुर को पहले कोई जानता नहीं था l जब नोबल पुरस्कार दिया गया तब बंगालवासियो ने उनकी प्रतिभा पहचानी वे बंगाल के नहीं सारे देश के गौरव बन गएl इस प्रकार विदेशो में सम्मानित होने पर ही विवेकानंद और रविन्द्रनाथ ठाकुर को इस देश में महत्व मिला l
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Q-3. आशय स्पष्ट कीजिए :
1. सम्मान पानेवालो से सम्मान देनेवाले महान होते है l
=> सम्मान पानेवाले विशेष गुए के कारण सम्मानित होते है l जैसे हीरे के गुण की पहचान बहुमूल्य है l यदि ऐसा न होतो पत्थर ही है l उसी तरह सम्मान पानेवालो की विशेषता पहचान लिया जाए तो वे सम्मानीय है, नहीं तो वे साधारण मनुष्य ही समझे जाएँगे l उनकी विशेषता को समझकर उन्हें प्रकाश में लानेवाले लोग ही उनका सम्मान करते है l इसलिए सम्मान पानेवाले से भी सम्मान देनेवाले अधिक महान होते है l
2. “जो गुरु से मार खाते है, उनका भविष्य उज्जवल होगा ही l”
=> पढाई के लिए विधार्थी का ध्यान पढाई में होना जरुरी है l गुरु पढ़ाते है तब किसी का ध्यान न हो तो गुरु के मार से विधार्थी का ध्यान पढाई में लग जाता है l इस तरह जब वह एकाग होकर पढ़ता है तो उसे सचमुच ज्ञानप्राप्ति होती है उसकी बुद्धि का विकास होता है l और उसमे योग्यता आती है ऐसा होने पर ही उसका भविष्य उज्जवल होने में संदेह नहीं रहता l
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Q-4. सुचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए l
1. इसमे और मुझमे फरक ही कुछ नहीं है l (भविष्यकाल)
=> इसमे और मुझमे फरक ही कुछ नहीं होगा l
2. हम अपने शिष्यों से कम प्रमुख रहे l (पूर्ण भूतकाल)
=> हम अपने शिष्यों से कम प्रमुख रहे थै l
3. उपनिषदों में आचार्यो ने कहाँ है l (सामान्य भूतकाल)
=> उपनिषदों में आचार्यो ने कहा l
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Q-5. मुहावरों का अर्थ देकर वाक्य प्रयोग कीजिए :
1. ताकते रहना – आश्चर्य से देखते रहना l
=> वाक्य- मेरे हाथ में ट्रोफी देखकर पिताजी मुझे ताकते रह गए l
2. पसीने की कमाई – कठिन परिश्रम का फल l
=> वाक्य- इजीनियरिंग की वह डिग्री मेरे पसीने की कमाई है l
3. रंग जाना – गहरा प्रभाव पड़ना l
=> वाक्य- विदेश में रहकर वे वही के रंग में रंग गए l
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