Q-1. निम्नलिखित प्रश्नों के उतर एक-एक वाक्य में लिखिए :
1. रहीम के अनुसार संपति का महत्व क्या है ?
=> रहीम के अनुसार संपति यह महत्व है की उससे दूसरो का भला होता है l
2. छोटो का तिरस्कार क्यों नहीं करना चाहिए ?
=> छोटो का तिरस्कार नहीं करना चाहिए क्योंकि जो काम छोटे करते है, वह बड़े नहीं कर सकते l
3. सुई का काम कौन नहीं कर सकता ?
=> सुई का काम तलवार नहीं कर सकती l
4. उतम प्रकृति का क्या लक्षण है ?
=> उतम प्रकृति का यह लक्षण है की बुराई के बिच रहकर भी वह अपनी अच्छाई नहीं छोड़ती l
5. माँगने के बारे में रहीम क्या कहते है ?
=> रहीमजी कहते है की माँगना मृत्ये के समान है l
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Q-2. निम्नलिखित प्रश्नों के उतर पांच- छ वाक्य में लिखिए :
1. वृक्ष और सरोवर के उदाहरण से रहीम हमें क्या समझाते है?
=> वृक्ष अपने फल स्वंय नहीं खाते l सरोवर अपना पानी स्वयं नहीं पिते l रहीमजी कहते है की हमें भी इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए l अपनी जमा की गई धन-संपति का उपयोग हमें केवल अपने सुख के लिए नहीं कहना चाहिए l हमे उसके द्रारा दूसरो की भलाई भी करनी चाहिए l
2. रहीमजी कडवे मुखवाले मनुष्य की प्रकृति को कैसे समझाते है ?
=> ककड़ी के फल मे कडवापन होता है वैसी कुछ लोगो की जबान कड़वी होती है l वे हमेशा कड़वे बोल ही बोलते है l वे यह नहीं सोचते की उनकी कड़वी वाणी सुननेवालो को कितनी चोट पहुँचाती है l ऐसे लोगो का मुँह ककड़ी के मुँह के समान होता है l कटु बोलकर दुसरे को चोट पहुँचाना अपराध है l इसलिए ककड़ी का मुँह काटकर उस पर नमक लगाकर उसे सजादी जाति है l वैसी ही सजा इन कड़वी जबानवालो को भी देनी चाहिए l
3. ‘लाख प्रयत्न करने पर भी बिगड़ी हुई बात नहीं बनती’ ऐसा रहीमजी किस उदाहरण से समझाते है ?
=> किसी कारण बात बिगड़ जाए तो सुधारना मुश्किल है l रहिमजी फटे हुए दूध का उदाहरण देते है l फटे हुए दूध से जमाए गए दही में मक्खन नहीं बनता l उस तरह बिगड़ी हुई बात फटे हुए दूध जैसी होती है l उसे सुधारने के लिए कितने भी प्रयत्न किए गए जाएँ वह नहीं सुधर पाती l
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Q-3. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए l
1. रहीमन देख बडेन को लधु न दीजिए डारी l
=> लोग प्राय:बड़ो को महत्व देते है l समाज में धनी लोगो का सम्मान होता है l गरीबो की उपेक्षा होती है l किसान मजदूर छोटे काम करनेवाले देश की सेवा करते है , वह ऊँचे तबकेवाले नहीं कर सकते l इसलिए हमे बड़े लोगो को मान देते समय निम्नस्तर के लोगो की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए l
2. चंदन विष व्यापत नहीं लपटे रहत भुजंग l
चंदन के पेड़ पर सांप लिपटे रहते है l इसके बावजूद चंदन का पेड़ सांपो के विष से प्रभावित नहीं होता l सांपो के संग के उसकी सुगंधि में कोई अंतर नहीं पड़ता l इसी प्रकार उतम स्वभाव के लोग बुरी संगति में रहकर भी उससे प्रभावित नहीं होते l वे अपने गुणों से अपराधियों को प्रभावित करके उनका जीवन बदल देते है l
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